बड़ौदा किसान पखवाड़ा दिवस का आयोजन मंझनपुर मे हुआ

बड़ौदा किसान पखवाड़ा दिवस का हुआ आयोजन

किसानों को ट्रेक्टर की चाबी देकर बनाया मालिक

बैंक आंफ बड़ौदा के तत्वावधान में बड़ौदा किसान पखवाड़ा का आयोजन जिसमें करीब आधा दर्जन किसानों को टै्क्टर की चाबी देकर व किसान क्रेडिट कार्ड की पास बुक वितरण की गयी ।
बैंक आंफ बड़ौदा मंझनपुर के शाखा प्रबंधक की अगुवाई में बड़ौदा किसान पखवाड़ा का आयोजन किया गया जिसमें प्रमोद कुमार (ए ,जी ,एम प्रयागराज द्वितीय ) ने फीता काटकर उद्घाटन किया साथ ही जिलाधिकारी कौशांबी अमित कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित किया साथ ही आधा दर्जन किसानों को ट्रैक्टरो की चाबी देकर मालिक बनाया गया ए, जी एम ने कहा कि बैंक आंफ बड़ौदा समय समय पर गोष्ठी प्रर्दशनी किसान मेला का आयोजन करके किसानों को तरह तरह की जानकारी दी जाती रही है और भविष्य में भी किसान हित के काम किये जाते रहेंगे । जिलाधिकारी श्री सिंह ने कहा बैंक आंफ बड़ौदा हमेशा किसानों के हित को लेकर काम करती है तरह तरह की योजनाएं चलाकर किसानों को लाभ देने का काम करती है किसान पखवाड़ा का आयोजन कर रहे मंझनपुर बैक आंफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक विनय कुमार कौशल ने कहा कि बैंक हमेशा इमानदार लोगों के साथ खड़ी है उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में हमेशा मददत् करने लिये तैयार रहती है इमानदार लोगों को बैक लोन देने में कभी नहीं हिचकिचाती है उनके लिखे हमेशा बैंक के दरवाजे खुले रहते हैं बैंक हमेशा किसानों की आय दुगनी करने के उपाय सोचती रहती है मौके पर रहे पुलकित कुमार ,नवीन कुमार झा ,अमित कुमार दिनेश कुमार साहू ,नादिर आदि ।

बड़ौदा किसान पखवाड़ा दिवस का आयोजन मंझनपुर मे हुआ

बड़ौदा किसान पखवाड़ा दिवस का हुआ आयोजन

किसानों को ट्रेक्टर की चाबी देकर बनाया मालिक

बैंक आंफ बड़ौदा के तत्वावधान में बड़ौदा किसान पखवाड़ा का आयोजन जिसमें करीब आधा दर्जन किसानों को टै्क्टर की चाबी देकर व किसान क्रेडिट कार्ड की पास बुक वितरण की गयी ।
बैंक आंफ बड़ौदा मंझनपुर के शाखा प्रबंधक की अगुवाई में बड़ौदा किसान पखवाड़ा का आयोजन किया गया जिसमें प्रमोद कुमार (ए ,जी ,एम प्रयागराज द्वितीय ) ने फीता काटकर उद्घाटन किया साथ ही जिलाधिकारी कौशांबी अमित कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित किया साथ ही आधा दर्जन किसानों को ट्रैक्टरो की चाबी देकर मालिक बनाया गया ए, जी एम ने कहा कि बैंक आंफ बड़ौदा समय समय पर गोष्ठी प्रर्दशनी किसान मेला का आयोजन करके किसानों को तरह तरह की जानकारी दी जाती रही है और भविष्य में भी किसान हित के काम किये जाते रहेंगे । जिलाधिकारी श्री सिंह ने कहा बैंक आंफ बड़ौदा हमेशा किसानों के हित को लेकर काम करती है तरह तरह की योजनाएं चलाकर किसानों को लाभ देने का काम करती है किसान पखवाड़ा का आयोजन कर रहे मंझनपुर बैक आंफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक विनय कुमार कौशल ने कहा कि बैंक हमेशा इमानदार लोगों के साथ खड़ी है उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में हमेशा मददत् करने लिये तैयार रहती है इमानदार लोगों को बैक लोन देने में कभी नहीं हिचकिचाती है उनके लिखे हमेशा बैंक के दरवाजे खुले रहते हैं बैंक हमेशा किसानों की आय दुगनी करने के उपाय सोचती रहती है मौके पर रहे पुलकित कुमार ,नवीन कुमार झा ,अमित कुमार दिनेश कुमार साहू ,नादिर आदि ।

हाथों को स्वच्छ बनाएं- बीमारी दूर भगाएं

ग्लोबल हैण्ड वाशिंग डे पर विशेष विशेष

  • मनभावन अवस्थी की रिपोर्ट :-डायरिया, आँख और त्वचा सम्बन्धी बीमारियों से बचने के लिए हाथों की सही सफाई जरूरी
    फतेहपुर । हमारे हाथों में न जाने कितनी अनदेखी गंदगी छिपी होती हैं, जो किसी भी वस्तु को छूने, उसका उपयोग करने और कई तरह के रोज़मर्रा के कामों के कारण होती हैं । यह गंदगी, बगैर हाथ धोए कुछ भी खाने- पीने से आपके शरीर में पहुँच जाती हैं और कई तरह की बीमारियों को जन्म देती हैं । हाथ धोने के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए वैश्विक स्तर पर हर साल 15 अक्टूबर को हैंड वॉशिंग दिवस मनाया जाता है । इस दिन की स्थापना वर्ष 2008 में ग्लोबल हैंड वाशिंग पार्टनरशिप द्वारा की गयी जिसका प्रयास साबुन से हाथ धोने के महत्व पर जागरूकता बढ़ाना है। इस साल के ग्लोबल हैंडवाशिंग डे की थीम, “सभी के लिए स्वच्छ हाथ” निर्धारित की गयी है । इस साल हम सभी ने हाथ की स्वच्छता के महत्व को बखूबी समझा है । कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सबसे प्रभावी तरीका ठीक तरह से हाथ धोना है जिससे संक्रमण का खतरा काफी हद तक काम हो जाता है । डब्ल्यूएचओ के वैश्विक सुझावों में कोविड-19 महामारी को रोकने और नियंत्रित करने और इसे व्यवहार में लाने के लिए हाथ की स्वच्छता का लक्ष्य रखा गया । इसके लिए हाल ही में डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ की अगुवाई में ‘हैंड हाइजीन फॉर ऑल ग्लोबल इनिशिएटिव’ लांच किया गया ।

हाथ की स्वच्छता हमारे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का ही एक हिस्सा है क्योंकि सिर्फ साबुन से अच्छी तरह हाथ धुल लेने से ही कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है, रोगाणु कई माध्यमों के जरिये से हमारे शरीर में फैलते हैं। उनमें से एक हमारे हाथ भी बीमारी का एक बड़ा जरिया हैं जिसकी वजह से सबसे ज्यादा बच्चों में संक्रमण व गंभीर बीमारियों जैसे डायरिया, वायरल संक्रमण आदि का खतरा बना रहता है । हम लोग दिनभर में कई प्रकार की चीज़ों को छूते हैं। साथ ही भोजन भी हाथ से ही करते हैं। इन्हीं हाथों से हम अपने मुंह को भी छूते हैं। इसलिये एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी यह संक्रमण फैलने का सबसे आसान तरीका बन जाता है । संक्रमण से बचाव का सही तरीका 6 चरणों में ठीक तरह से हाथ धोना है | यही हमारे बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक अच्छी पहल है।

जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. एनके सक्सेना बताते है कि कोरोना संक्रमण के बाद काफी हद तक हाथ की स्वच्छता बनाये रखना हमारे व्यवहार में आया है । कई लोगों ने इसे जिम्मेदारी समझकर अपनाया है तो वहीँ कुछ लोग इसे संक्रमण के डर से अपना रहे है | सही तरह से हाथ धुलने से हम दस्त, टाइफाइड, पेट संबंधी रोग, आँख में होने वाले संक्रमण, त्वचा संबंधी रोग आदि से बच सकते है । डॉ. सक्सेना का कहना है कि हाथ धुलने का सही तरीका दो मिनट तक साबुन से छह चरणों में हाथ धोना चाहिए | इसमें सबसे पहले सीधे हाथ पर साबुन लगाकर रगड़ना, उसके बाद उल्टे हाथ, इसके बाद नाखून, फिर अंगूठा, उसके बाद मुट्ठी तथा अंत में कलाई धोनी चाहिए । इस तरह से अगर हम अपने हाथों को धोयेंगे तो निश्चित रूप से 90 प्रतिशत तक बीमारियों से बच सकते हैं । यह संक्रमण से बचाव का बहुत छोटा मगर प्रभावी कदम है ।

क्या कहते हैं आंकड़े :
द स्टेट ऑफ हैंड वॉशिंग की 2016 की वार्षिक रिपोर्ट बताती है कि भारत के ग्रामीण क्षेत्र में 54 प्रतिशत आबादी शौचालय के बाद हाथ धोती है, वही सिर्फ 13 प्रतिशत आबादी खाना बनाने से पहले और 27 प्रतिशत बच्चों को खाना खिलाने से पहले हाथ धोती है। दूसरी तरफ शहरी क्षेत्र में 94 प्रतिशत लोग शौचालय के बाद हाथ धोते है, 74 प्रतिशत खाना बनाने से पहले और 79 प्रतिशत बच्चों को खाना खिलाने से पहले हाथ धोते है।

हाथ धोना कब-कब है जरूरी :
शौच के बाद , खाना बनाने व खाने से पहले , मुंह, नाक व आँखों को छूने के बाद, खाँसने व छींकने के बाद, घर की साफ-सफाई करने के बाद , किसी बीमार व्यक्ति से मिलकर आने के बाद व पालतू जानवरों से खेलने के बाद ।

स्वास्थ्य सेवायें देने के साथ आने वाले लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक कर रही है।

मनभावन अवस्थी की रिपोर्ट :- कोरोना को मात देकर फिर सेवा में उतरी नर्स चंद्रमा
फतेहपुर। कोरोना को मात देकर फिर स्वास्थ्य सेवा में उतरी जिला महिला चिकित्सालय में तैनात नर्स चंद्रमा इन दिनों आने वाले मरीजों को सेवा देने के साथ उनके साथ आने वाले तीमारदारों को जागरूक कर रही है। साथ ही वह कोरोना से बचाव के लिये जन समुदाय को जागरूक करने में लगी है। यही नहीं कोरोना काल में स्वास्थ्य कर्मियों का उत्साह भी बढा रही हैं।

कोरोना काल शुरू होने के बाद भी जिला महिला चिकित्सालय में तैनात नर्स चंद्रमा सेवा दे रही है। इसी दौरान अगस्त महीने में वह कोरोना की चपेट में आ गई। इसके बाद वह सावधानी के साथ इलाज कराना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने एंटीजन तथा आरटीपीसीआर जांच करवाया तो रिपोर्ट निगेटिव आई। स्वस्थ होने के बाद पुनः वह पूर्व की भांति स्वास्थ्य सेवा में जुट गई। अब वह स्वास्थ्य सेवायें देने के साथ आने वाले लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक कर रही है। वह लोगों को कोरोना प्रोटोकाल का पालन करने तथा हाथ धोने का तरीका भी बता रही है। उनका संदेश है कि कोरोना से बचने के लिये बचाव ही बेहतर उपाय है। सभी लोग कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुये सावधान रहें। भीड भाड वाले स्थानों पर जाने से बचें। प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिये पौष्टिक आहार लें। कोरोना के लक्षण जैसे सर्दी जुकाम, खांसी, बुखार व सास लेने में तकलीफ हो तो तत्काल जांच कराने तथा सरकारी अस्पताल जाकर चिकित्सक की सलाह पर क्वारंटीन, आईसोलेशन या फिर होम आईसोलेशन की व्यवस्था में जायें तथा इलाज कराये। उनका कहना है कि होम आईसोलेशन में रहने वाले कोरोना उपचाराधीनों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। वे घर के एक कमरे में अलग रहें। अपने इस्तेमाल के सभी सामान व कपडे अलग कर लें। किसी भी प्रकार की दिक्कत महसूस होने पर चिकित्सक से संपर्क करें। वह बताते है। वैसे तो रैपिड रिस्पांस टीम के लोग लगातार फालोअप करते हैं लोग उनसे अपनी सभी दिक्कतों को खुलकर बतायें। चिकित्सकों द्वारा सुझाये गये उपयों और सावधानियों पर अमल करें ताकि आप कोरोना को मात दे सकें।

8 से 10 अक्टूबर के मध्य बारिश होने के संभावना है -सचिन कुमार शुक्ला

आगामी पांच दिनो मे आंशिक रूप से बादल छाये रहने के साथ दिनांक 8 से 10 अक्टूबर के मध्य बारिश होने के संभावना है जिसमे अधिकतम तापमान रेंज 29.2-35.0 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान रेंज 22.0- 24.3 डिग्रीसेल्सियस तथा हवा की गति अधिकतम 11 किलोमीटर प्रति घंटा व हवा की दिशा अधिकतर उत्तरपूर्वी रहने की संभावना है अतः सभी किसान भाईयों को सलाह दी जाती है कि फसल में अगर नमी है तो सिचाई स्थगित कर दे तथा किसी भी दवा का छिड़काव मौसम की जानकारी के अनुसार ही करे तथा सब्जी वाली फसलो मे जलनिकास का प्रबंध कर ले तथा आलू की बोआई को हो सके तो दो तीन दिन के लिये रोक दे।

यातायात सड़क सुरक्षा सप्ताह पर शिक्षकों ने लिया संकल्प नियमों का करेंगे पालन

यातायात सड़क सुरक्षा सप्ताह पर शिक्षकों ने लिया संकल्प नियमों का करेंगे पालन

नीरज सिंह की रिपोर्ट:-चौडगरा फतेहपुर जनपद के मलवा विकासखंड के सर्वोदय इंटर कॉलेज गोपालगंज में मंगलवार को प्रधानाचार्य जवाहर सिंह की अगुवाई में उपस्थित शिक्षकों के साथ विद्यालय परिवार ने सड़क सुरक्षा यातायात सप्ताह के मौके पर स्वयं संकल्प के साथ उपस्थित जनसमूह ने एक स्वर में कहा कि यातायात सप्ताह के मौके पर हम सभी संकल्प लेते हैं कि रोड में ईयर फोन लगाकर, सीट बेल्ट का प्रयोग करेंगे, अनियंत्रित तेज रफ्तार वाहननहीं चलाएंगे, यातायात नियमों का पालन करेंगे, समय-समय पर नियमित आंखों की जांच, हॉस्पिटल, स्कूल के समीप निर्धारित गति से भी में वाहन को चलाएंगे, एंबुलेंस को रास्ता देनेंगे। वाहन चलाते समय फोन पर बात नहीं करेंगे। इस मौके पर संकल्पित शिक्षक प्रधानाचार्य जवाहर सिंह राठौर, महेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, कुल्दीप, आरबी सिंह, सहित सभी शिक्षक उपस्थित रहे।

खनन माफियाओं के चंगुल में फंसा स्थानीय प्रशासन लगभग आधा दर्जन जेसीबी मशीनों के गरजने से एनजीटी के मानक होते तार तार

खनन माफियाओं के चंगुल में फंसा स्थानीय प्रशासन लगभग आधा दर्जन जेसीबी मशीनों के गरजने से एनजीटी के मानक होते तार तार

लगभग आधा दर्जन से अधिक चिन्हित स्थानों पर मौत का गड्ढा खोद चुके अवैध खनन माफिया

नीरज सिंह की रिपोर्ट:-चौडगरा फतेहपुर जनपद के मलवां विकासखंड के गंगा तराई क्षेत्र स्थित भाऊपुर, शिवराजपुर, करनपुर, बडौरी, दूधी कगार, गुप्ता होटल के समीप, लगभग आधा दर्जन से अधिक प्रमुख चिन्हित स्थानों पर अवैध खनन माफियाओं ने बढ़ चढ़कर मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए। धरती कोख को खाली कर पर्यावरण पर दूषित प्रभाव डालने का कार्य कर रहे हैं। माफियाओं के साथ प्रशासन की मध्यस्थता व काली रात का सहारा लेकर सेटिंग गेटिंग के खेल के साथ जेसीबी मशीनों की गर्जना होती है। जहां स्थानीय प्रशासन की भूमिका मात्र मूकदर्शक की रहती है।शिकवा शिकायत पर मशीन संचालकों द्वारा सपा का दबाव प्रभाव साम दाम दंड भेद का प्रयोग कर कार्रवाई से बच निकलने की पुरानी जुगत का हर संभव प्रयास किया जाता है। अवैध खनन को लेकर सीबीआई जांच की रडार में आए खनन माफिया उक्त समय भूमिगत हो गए थे जैसे ही जांच टीम ने जनपद छोड़ा वैसे ही खनन माफिया अपने काले कारनामों को अंजाम देने के लिए दिन-रात गठबंधन के तहत जगह जगह जमीन से मिट्टी को खोदकर पुराई के लिए।बिक्री का कार्य करने लगे । अवैध खनन पर नजर बीट के सिपाही की, हलका इंचार्ज, पेट्रोलिंग पॉइंट, चौकी इंचार्ज, पीआरवी, थानाध्यक्षों की भी कभी नजर नहीं जाती या फिर देख कर अनदेखा करते हुए धृतराष्ट्र की भूमिका अदा करने का हर संभव प्रयास किया जाता है। यदि उपरोक्त स्थानों पर हुए अवैध खनन की उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर जांच की जाए तो स्थानीय प्रशासन के साथ अवैध खनन की पोल खुल जाएगी।

गोशाला की व्यवस्था देख भड़के बजरंगी

गोशाला की व्यवस्था देख भड़के बजरंगी

क्रशर गायों की मौत की सूचना पर पहुंचे कार्यकर्ता अधिकारियों को दी जानकारी
सूचना पर वीडियो प्रधान पहुँचे पशु चिकित्सा बुला बीमार गायों का कराया इलाज
बिंदकी। गौशाला में व्याप्त अव्यवस्था व गायों के मरने की जानकारी पर खजुहा ब्लाक के चखता गांव में चल रही जय भोले गौशाला की व्यवस्था देखने बजरंग दल कार्यकर्ता पहुँचे। गौशाला बीमारी से तड़प रही गायों को देख कार्यकर्ता भड़क गए। कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी बिंदकी खंड विकास अधिकारी खजुहा को फोन कर गौशाला की अव्यवस्थाओ की जानकारी दी। सूचना पर ग्राम पंचायत अधिकारी ग्राम प्रधान मौके पर पहुँचे। जिन्हें बजरंगियों के आक्रोश का सामना करता पड़ा
बजरंग दल जिला संयोजक शैलेष सिंह ने गायों की मौत का जिम्मेदार ग्राम प्रधान व सचिव को माना। उन्होंने कहा कि प्रधान व सचिव की लापरवाही से गौशाला पर आए दिन इलाज के अभाव में गौ वंश की मौत हो रही है। गायों को पर्याप्त भोजन नही दिया जाता है। पानी की भी व्यवस्था समुचित नहीँ है।
शैलेष सिंह ने बताया कि जब स्थानीय लोगो से जानकारी ली गयी तो पता चला कि केवल सुबह ही गायों को चारा दिया जाता है। वह भी पर्याप्त मात्रा में नहीँ मिलता। उन्होंने बताया कि गायों की देखरेख के लिए पांच कर्मचारी लगे है लेकिन मौके पर कोई नहीँ मिले। जब उपजिलाधिकारी व खंड विकास अधिकारी को सूचना दी गयी तब वहां पर कर्मचारी पहुँचे। रात 9 बजे तक कार्यकर्ता गोशाला में मौजूद रहकर वहाँ के हालातों का जायजा लेते रहे। इस मौके पर गौ रक्षा प्रमुख अमित सिंह खजुहा प्रखंड संयोजक सुधीर सिंग सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


पशुक्रूरता पर मुकदमा दर्ज कराने की दी चेतावनी
बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि गायों को पर्याप्त भोजन नहीं दिया जाता है। जिससे गाय भूख से बीमार होकर मर रही हैं। बीमार गायों का इलाज भी नहीँ कराया जाता है। जिला संयोजक ने कहा कि अभी तक 15 गायों की मौत हो चुकी है। जो गंभीर बात है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ पशुक्रूरता का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

मामला विगड़ता देख सचिव ने मंगाया भूसा
बजरंगियों को हंगामा करते देख सचिव ने आनन फानन में कर्मचारियों से भूसा मंगाया। तत्काल गायों को भूसा मुहैया कराया गया। इसी के साथ रात को ही पशु चिकित्सक को बुला कर गायों का इलाज करवाया।
बीमार गायों ने भी तोड़ा दम
बजरंग दल खजुहा प्रखंड संयोजक सुधीर सिंह भदौरिया को बीमार गायों की देखरेख की जिम्मेदारी दी गयी थी। रात को इलाज के बाद सुबह दोंनो बीमार गायों ने दम तोड़ दिया।
विद्यालय से हटा ली गयी गोशाला
बजरंग दल कार्यकर्ताओ के हंगामे के बाद अस्थायी तौर पर सरकंदी प्राथमिक विद्यालय पर संचालित गोशाला को बुधवार सुबह ही हटा लिया गया। उसे चखाता शिप्ट कर दिया गया।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष व महासचिव समेत 20 पर मुकदमा

*कांग्रेस जिलाध्यक्ष व महासचिव समेत 20 पर मुकदमा

फतेहपुर : कांग्रेसियों ने शारीरिक दूरी को दरकिनार कर बिना मास्क के गुरुवार को मनाए गए बेरोजगार दिवस के नाम से प्रदर्शन किया। कोतवाली पुलिस ने इसी के बाद जिलाध्यक्ष व महासचिव समेत 20 कार्यकर्ताओं पर महामारी को बढ़ावा देकर धारा 144 का उल्लंघन करने का मुकदमा की है। कार्रवाई से कांग्रेसियों में उबाल मचा रहा।

बताते चलें कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेसियों ने बेरोजगार दिवस कार्यक्रम मनाया था। शहर कोतवाल रवींद्र श्रीवास्तव ने बताया कि कचहरी चौकी इंचार्ज की तहरीर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अखिलेश पांडेय, उपाध्यक्ष शिवाकांत तिवारी, हेमलता पटेल, अनुराग मिश्रा, महासचिव चंद्रप्रकाश लोधी, मोहसिन खान नामजद व 20 अज्ञात महिला व पुरुष कार्यकर्ताओं पर कोरोना महामारी को बढ़ावा देने व धारा 144 के उल्लंघन करने पर एफआइआर दर्ज की है।

सत्तापक्ष के इशारे पर कार्रवाई

पुलिसिया कार्रवाई से नाराज उपाध्यक्ष शिवाकांत तिवारी ने कहा कि सत्तापक्ष के इशारे पर दमन नीति कार्रवाई की गई है। यदि युवा बेरोजगारों को रोजगार दिलाने की बात करने और किसानों की समस्या उजागर करने पर जेल भी जाना पड़ा तो पीछे नहीं हटेंगे।

विश्व अल्जाइमर्स दिवस बुजुर्गों के प्रति अपनापन दिखाएँ, भूलने की बीमारी से बचाएं

विश्व अल्जाइमर्स दिवस (21 सितम्बर) पर विशेष
बुजुर्गों के प्रति अपनापन दिखाएँ, भूलने की बीमारी से बचाएं

  • जागरूकता लाने को 21 से 27 सितम्बर तक मनाया जाएगा राष्ट्रीय डिमेंशिया जागरूकता सप्ताह
  • जितनी जल्दी पता चल जाए बीमारी का उतनी ही जल्दी दूर की जा सकती है बुढ़ापे की बड़ी समस्या
    फतेहपुर । उम्र बढ़ने के साथ ही तमाम तरह की बीमारियाँ हमारे शरीर को निशाना बनाना शुरू कर देती हैं । इन्हीं में से एक प्रमुख बीमारी बुढ़ापे में भूलने की आदतों (अल्जाइमर्स -डिमेंशिया) की है, ऐसे बुजुर्गों की तादाद बढ़ रही है । इसीलिए इस बीमारी की जद में आने से बचाने के लिए हर साल 21 सितम्बर को विश्व अल्जाइमर्स-डिमेंशिया दिवस मनाया जाता है । इसका उद्देश्य जागरूकता लाना है ताकि घर-परिवार की शोभा बढ़ाने वाले बुजुर्गों को इस बीमारी से बचाकर उनके जीवन में खुशियाँ लायी जा सकें । इसी के तहत 21 से 27 सितम्बर तक चलने वाले राष्ट्रीय डिमेंशिया जागरूकता सप्ताह के तहत प्रदेश के हर जिले में विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये इस बीमारी की सही पहचान और उससे बचाव के उपायों के बारे में जागरूकता लाने की बड़ी कोशिश की जायेगी ।
    जिला अस्पताल के मनोरोग चिकित्सक डॉ ललित प्रताप सिंह का कहना है कि बुजुर्गों को डिमेंशिया से बचाने के लिए जरूरी है कि परिवार के सभी सदस्य उनके प्रति अपनापन रखें । अकेलापन न महसूस होने दें, समय निकालकर उनसे बातें करें, उनकी बातों को नजरंदाज कदापि न करें बल्कि उनको ध्यान से सुनें । ऐसे कुछ उपाय करें कि उनका मन व्यस्त रहे, उनकी मनपसंद की चीजों का ख्याल रखें । निर्धारित समय पर उनके सोने-जागने, नाश्ता व भोजन की व्यवस्था का ध्यान रखें । अमूमन 65 साल की उम्र के बाद लोगों में यह बीमारी देखने को मिलती है या यूँ कहें कि नौकरी-पेशा से सेवानिवृत्ति के बाद यह समस्या पैदा होती है । इसके लिए जरूरी है कि जैसे ही इसके लक्षण नजर आएं तो जल्दी से जल्दी चिकित्सक से परामर्श करें ताकि समय रहते उनको उस समस्या से छुटकारा दिलाया जा सके । इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में से एक है कि जीवन शैली में एकदम से बदलाव आना जैसे- शरीर में आलसपन का आना, लोगों से बात करने से कतराना, बीमारियों को नजरंदाज करना, भरपूर नींद का न आना, किसी पर भी शक करना आदि ।
    जागरूकता सप्ताह के तहत होंगे विविध आयोजन :
    महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं – उत्तर प्रदेश द्वारा सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को इस बारे में पत्र भेजकर 21 से 27 सितम्बर तक चलने वाले डिमेंशिया जागरूकता सप्ताह के दौरान विविध आयोजन करने को कहा गया है । इसके तहत कोविड-19 के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए रैली, संगोष्ठी, अर्बन स्लैम कैम्प, मंद बुध्धि प्रमाण पत्र प्रदान करने के सम्बन्ध में शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं ।
    स्वास्थ्य विभाग मदद को तैयार :
    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत “नेशनल प्रोग्राम फॉर द हेल्थ केयर ऑफ़ एल्डर्ली” (एनपीएचसीई) संचालित किया जा रहा है। इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों/वृद्धजनों के समुचित उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाता है। हर जिले में इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सक और स्टाफ की तैनाती भी की गयी है । बुजुर्गों के लिए अलग वार्ड भी बनाए गए हैं । इसके अलावा उनके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर परामर्श के लिए मनोचिकित्सक तैनात किया गए हैं । मनकक्ष की व्यवस्था की गयी है, जहाँ पर काउंसिलिंग से लेकर इलाज तक की व्यवस्था होती है । समय-समय पर शिविर आयोजित कर भी बुजुर्गों की मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ीं समस्याओं का समाधान किया जाता है ।
    डिमेंशिया के लक्षण :
    रोजमर्रा की चीजों को भूल जाना, व्यवहार में परिवर्तन आना, रोज घटने वाली घटनाओं को भूल जाना, दैनिक कार्य न कर पाना आदि इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं । इसके चलते बातचीत करने में दिक्कत आती है या किसी भी विषय में प्रतिक्रिया देने में विलम्ब होता है । डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, हाई कोलेस्ट्रोल, सिर की चोट, ब्रेन स्ट्रोक, एनीमिया और कुपोषण के अलावा नशे की लत होने के चलते भी इस बीमारी के चपेट में आने की सम्भावना रहती है ।
    जागरूक बनें, डिमेंशिया दूर करें :
    इस भूलने की बीमारी पर नियंत्रण पाने के लिए जरूरी है कि शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के साथ ही मानसिक रूप से अपने को स्वस्थ रखें । नकारात्मक विचारों को मन पर प्रभावी न होने दें और सकारात्मक विचारों से मन को प्रसन्न बनाएं। पसंद का संगीत सुनने, गाना गाने, खाना बनाने, बागवानी करने, खेलकूद आदि जिसमें सबसे अधिक रुचि हो, उसमें मन लगायें तो यह बीमारी नहीं घेर सकती । इसके अलावा नियमित रूप से व्यायाम और योगा को अपनाकर इससे बचा जा सकता है । दिनचर्या को नियमित रखें क्योंकि अनियमित दिनचर्या इस बीमारी को बढ़ाती है । धूम्रपान और शराब से पूरी तरह से दूरी बनाना ही हित में रहेगा । यदि डायबिटीज या कोलेस्ट्रोल जैसी बीमारी है तो उसको नियंत्रित रखने की कोशिश करें ।
    फोन मिलाएं – समस्या का समाधान पाएं :
    अगर आप मानसिक तनाव या चिंता महसूस कर रहे हैं तो राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और स्नायु विज्ञान संस्थान (NIMHANS) के टोल फ्री नंबर- 080-46110007 पर कॉल करके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी हर समस्या का समाधान पा सकते हैं ।
    क्या कहते हैं आंकड़े :
    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली की तरफ से अभी हाल ही में जारी एक एडवाइजरी में कहा गया है कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार देश में करीब 16 करोड़ बुजुर्ग (60 साल के ऊपर) हैं । इनमें से 60 से 69 साल के करीब 8.8 करोड़, 70 से 79 साल के करीब 6.4 करोड़, दूसरों पर आश्रित 80 साल के करीब 2.8 करोड़ और 18 लाख बुजुर्ग ऐसे हैं, जिनका अपना कोई घर नहीं है या कोई देखभाल करने वाला नहीं है ।