प्रधान व सचिव के खिलाफ सैकड़ो ग्रामीणों ने खोला मोर्चा

प्रधान व सचिव के खिलाफ सैकड़ो ग्रामीणों ने खोला मोर्चा

  • प्रधान पर 130 लोगों से आवास के नाम पर रुपये लेने का लगा है आरोप

फ़तेहपुर । सरकार ने गांवो को शहर की तर्ज में विकास करने के लिए दर्जनों योजनाओं का संचालन कर रखा है जिससे कि गांव में भी विकास की बयार बह सके। मगर सरकार ने जिन लोगो को इसकी बागड़ोर सौपी है वही जिम्मेदार विकास के नाम पर जारी धनराशि से स्वयं का विकास कर रहे है न कि गांवो का। गांवों की दशा आज भी दयनीय और खस्ताहाल है। इसी प्रकार का एक मामला तब प्रकाश में आया जब असोथर विकास खण्ड के ग्राम पंचायत उरौली के सैकड़ों ग्रामीणों ने गांव में विकास के नाम पर हो रहे बंदरबांट की शिकायत जिलाधिकारी से की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अधिकतर अपात्रों को सुविधाओ का लाभ मिला है जबकि पात्र आज भी भटक रहे हैं।
आपको बता दें कि विकास खण्ड असोथर के ग्राम उरौली के सैकड़ों ग्रामीणों ने आवास शौचालय में हो रही धांधली को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया। डीएम संजीव सिंह ने बाहर निकलकर पूरा वक्त देकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। इस दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी ग्राम सभा के पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान हरदीप सिंह ने आपस मे मिलकर पुराने वित्तीय कार्यो को नया दिखाकर नाली, खड़ंजा, इंटरलाकिंग व हैंडपंप रिबोर के नाम पर सरकारी धन का गबन किया है और ग्रामीण लाभार्थियों को किसी प्रकार का लाभ नही दिया गया है। वहीं ग्रामीण लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ देना तो दूर उनकी मेहनत की कमाई को भी हड़प गए हैं। ग्रामीण लाभार्थियों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान हरदीप सिंह ने आपस मे मिलकर प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों को आवास दिलाने के नाम पर लगभग 130 लाभार्थियों से पंद्रह – पंन्द्रह हजार रुपये लिए परंतु आज तक इनमे से किसी लाभार्थी को प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत आवास मुहैय्या नही कराया गया है और न ही मनरेगा के अंतर्गत की गई मजदूरी 90 दिनों की मजदूरी का पैसा दिया गया है। साथ ही लगभग सौ शौचालयों का निर्माण न कराकर सरकारी धनराशि का गबन कर लिया गया है। ग्रामीणों ने ये भी आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान हरदीप सिंह और धर्मेन्द्र सिंह ने मिलकर लाभार्थियों से पैसे लिए थे। धर्मेन्द्र सिंह जो कि वर्तमान में रोजगार सेवक है। यह ग्राम प्रधान का सगा भतीजा है। ग्रामीणों ने सरकारी योजनाओं के तहत आवास और शौचालय न मिलने पर ग्राम प्रधान से जब शिकायत की और अपना पैसा वापस मांगा तो यह दोनों चाचा भतीजे गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देते है और झूठे मुकदमो में फ़साने को कहते हैं। सैकड़ों ग्रामीणों ने परेशान होकर जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। इस दौरान ग्रामीणों ने गांव के विकास कार्यों की जांच की मांग जिलाधिकारी से की। जिलाधिकारी संजीव सिंह ने सभी ग्रामीणों को जांच करवाकर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।

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