टूटी सड़क से परेशान ग्रामीणों ने सरकार से जताई नाराजगी

*टूटी सड़क से परेशान ग्रामीणों ने सरकार से जताई नाराजगी*

_*टूटी सड़कें मौत को दे रही दावत राहगीर हलेकान, सड़क सूपापुल से नहर पटरी होकर सेमरहटा का पुरवा झलहा घनश्यामपुर व सहिमापुर गांव को जाने वाली सड़क लगभग 27वर्षों से जर्जर पड़ी जिम्मेदार मौन*_

सोहन कैथल रिपोर्ट :-फतेहपुर। जनपद के तेलियानी विकास खंड क्षेत्र के सूपापुल से निकलकर भिटौरा रोड को जाने वाली पक्की सड़क अपना रास्ता बदलकर कच्ची सड़क में तब्दील हो गई है धूल और गड्ढे से राहगीर परेशान हैं ग्रामीणों ने सरकार से नाराजगी जताते हुए कहा कि हम सरकार के बड़े बोल से परेशान हो चुके हैं विकास की दशा बहुत खराब चल रही है जिसका एक प्रमुख कारण यह भी है कि सड़क जर्जर और टूटी होना। सिटी से गांव का सम्पर्क मार्ग अच्छा ना होने के कारण अधिकतर गांव पिछड़े हुए हैं क्योंकि धंधा, मजदूरी, आदि आय का प्रमुख स्रोत शहर से ही होता है इस टूटी और गद्धेयुक्त सड़क से स्कूली बच्चों को ही नहीं अपितु अन्य आने जाने वाले राहगीरों को किसी बड़ी अनहोनी का शिकार होना पड़ता है। मौके पर सेमरहटा गांव के निवासियों ने बताया कि सरकार बनने के बाद ऐसा लगा था कि गांव से शहर को जाने वाली अछूती सड़क बनने के बाद सारे कष्ट दूर हो जाएंगे। लेकिन सब जैसे के तैसा ही है जिम्मेदार सुध लेने को तैयार नहीं हैं। मामला जनपद के तेलियानी ब्लाक की सड़कों का है जहां सूपापुल से रामगंगा नहर होते हुए तीन किलोमीटर भिटौरा रोड को जाने वाली पक्की सड़क लगभग 27 वर्ष पहले बनी थी बनने के बाद विभागीय द्वारा दो से तीन बार टीप टाप किया गया बाकी समय के साथ धूल और गड्ढों में बदल गई। शहर से सटे हुए गांव सेमरहटा का पुरवा, झलहा व घनश्यामपुर जिसका प्रमुख मार्ग सूपापुल से नहर पटरी होकर ही होता है स्कूली बच्चों से लेकर तमाम राहगीरों को सड़क से निकलने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है मरीजों की हालत अच्छी न होने की दसा में एम्बुलेंस मौके तक नहीं आ पाती। सेमरहटा, झलहा घनश्यामपुर आदि तमाम गांवों को जाने वाली इकलौती सड़क लगभग 27 वर्ष पूर्व RES विभाग द्वारा डामरीकरण सड़क बनाई गई थी। सेमरहटा गांव के निवासियों का कहना है कि भाजपा सरकार आने के बाद आशा थी सब कुछ सही हो जाएगा जर्जर सड़कें दुरुस्त हो जाएंगी लेकिन बनी सड़क गड्ढों में तब्दील होने के कारण लोगों के मन में आज भी निराशा दिखाई देती है मार्ग पर बड़े गड्ढे होने के कारण कई गांवों का आवागमन बाधित रहता है शहर से आने-जाने वाले लोगों की एक मात्र सड़क यही है जिसमें स्कूली बच्चों को खासकर कठिनाई का सामना करना पड़ता है सबसे बड़ी बात यह है कि मार्ग पर धूल गड्ढों के सिवाय कुछ नहीं दिखता है कहीं-कहीं तो गड्ढों ने बड़ा रूप ले लिया है जिससे आने जाने वाले राहगीरों को गड्ढों में गिरकर दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है यह सड़क कई वर्षों से विकाश से अछूती है हालाकि कई सरकारें बदली लेकिन सड़क जैसे के तैसे पड़ी है। गांव के ही तमाम लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर यह सड़क नहीं बन पा रही RES विभाग ने बनवाया है और इसका निर्माण नहीं कराया जा सकता है तो सीधा पूरेताज महमूदपुर से सनगांव बंबी माइनर होते हुए झलहा से सेमरहटा प्राथमिक विद्यालय तक नई सड़क का जोड़ा जाना गांव के निवासियों के लिए बेहतर होगा जिससे शहर जाने में सुविधा हो सकेगी। इस मौके पर ननकू, रामशंकर, भिखारी, रामबाबू, कृष्णपाल, सुखराम, अमित, रोहित, माता प्रशाद, मनीष, दिलीप आदि तमाम लोग मौजूद रहे