रालपुर गंगा घाट मे डूबा युवक

दीपक तिवारी की रिपोर्ट :- रायबरेली के रालपुर गंगा घाट मे डूबा युवक
सरेनी क्षेत्र के अंतर्गत पसनखेडा गांव का रहने वाला युवक गंगा में डूबा। स्थानीय लोगों के द्वारा बचाव कार्य जारी। अभी तक प्रशासन घटना स्थल पर नहीं पहुंचा

बाल बाल बचा बाइक सवार ट्रक चालक गाडी छोड भागा

नीरज मिश्रा की रिपोर्ट :- फतेहपुर के हुसैनगंज थानाक्षेत्र के भिटौरा गांव के किनारे सहिमापुर गांव का अमित पटेल किसी काम से भिटौरा आया था वापस घर जाते समय ट्रक के नीचे गाडी लेकर घुस गया गलिमत रही की हल्की खरोच मात्र आयी है कोई अनहोनी नही हुई है ग्रामीणों के सहयोग से ट्रक के नीचे से निकाला गया ट्रक चालक गाड़ी छोड कर भागने मे सफल रहा

28 से 31 मई के मध्य धूल भरी आंधी के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार है


(सचिन कुमार शुक्ला, कृषि मौसम विशेषज्ञ )
कृषि विज्ञान केन्द्र थरियांव, फतेहपुर

मौसम विभाग की तरफ से आपको अवगत कराना है की इस समय उत्तर भारत मे प्रचंड गर्मी को देखा जा रहा है जिसका असर फतेहपुर जनपद मे भी है जिसमे 27 ,28 मई तक तापमान का पारा बढने के साथ गर्म लू जारी रहेगी फिर दिनांक 28 से 31 मई के मध्य धूल भरी आंधी के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार है जिससे कुछ हद तक गर्मी से राहत मिलेगी लेकिन उसके बाद तापमान फिर बढने की उम्मीद है। ऐसी स्थिति मे किसान भाईयों को सलाह दी जाती है की खड़ी फसल मे नमी बनाये रखे खासकर सब्जी वाली फसलो मे तथा 28 मई के बाद फसलो मे सिचाई को रोक दे जब तक मौसम खराब रहे उसके बाद अवश्यक्ता पड़ने पर ही सिचाई करे, तथा सभी जानवरो को गर्म लू से बचाने के लिये छायादार स्थान या फिर ऐसे स्थान पर बांधे जहाँ लू का असर पशुओं पर न पडे और पशुओं को साफ जल ही पिलाएं और सभी फतेहपुर जनपद निवासी इस समय जब भी घर के बाहर निकले तो अपने सर को ढके रहे तथा जहाँ तक संभव हो तो गर्म लू से बचने का प्रयास करे और अधिक से अधिक तरल पदार्थ का सेवन करे और इस कोविड-19 जैसी महामारी मे समाजिक दूरी बनाये रखे,तथा सरकार के द्वारा बनाये गये नियमो का पालन करे तथा सभी लोग अनुशासन मे रहते हुए इस महामारी को दूर भगाने का सफल प्रयास करे।

कोई मजदूर भूखा ना जाये इसके लिये छोटे छोटे प्रयास जारी है-बजरंग दल

विश्व हिन्दू परिषद बजरंगदल के नेतृत्व में जब से प्रवासी मजदूर आने के क्रम प्रारम्भ हुवा है तब से अब तक निरन्तर सेवा का कार्य प्रारंभ है उसी क्रम में आज लखनऊ बाईपास में सुबह 7 बाजे प्रवासी मजदूरो के लिये मठ्ठा ब्रेड दूध नमकीन पानी नमकीन की व्यवस्था की गई बजरंगदल के जिला संयोजक सानू सिह ने बताया कोई मजदूर भूखा ना जाये इसके लिये छोटे छोटे प्रयास जारी है सभी लोग राजनीत से हटकर लोगो की मदद करे जिसमे हिमाशु आनन्द तिवारी ने कहा बजरंग दल की यह मंसा रही है कि कोई भी मजदूर परेशान न होने पाये संगठन के कार्यकर्ताओं का हौसला देखकर यह प्रतीक हो रहा है कि इतनी बडी माहमारी मे सभी सदस्य बढ चढ कर हिस्सा ले रहे है अतीस पासवान रहे

1kg चना, प्रति व्यक्ति पांच आम, एक दर्जन केला, का वितरण

नीरज सिंह की रिपोर्ट :-चौडगरा फतेहपुर जनपद के मलवां विकासखंड के अभयपुर ग्राम सभा में वैश्विक महामारी कोविड-19 की चपेट में आए कामगार प्रवासियों की आर्थिक समस्या, दो वक्त की रोजी-रोटी की समस्या, जैसी अनेक समस्याओं को देखते हुए। बृहस्पतिवार को समाजसेवी राकेश यादव की अगुवाई पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संजय सिंह की मौजूदगी सभी सहयोगियों की मदद से भुखमरी की मार झेल रहे लोगों को खाद्य रसद सामग्री के साथ इच्छा पूर्ति हेतु आर्थिक सहयोग के तौर पर ₹1000 रुपए के साथ 1kg चना, प्रति व्यक्ति पांच आम, एक दर्जन केला, का वितरण अभयपुर,बडाखेडा, नया खेडा, दरियापुर, नया खेड़ा में बने क्वॉरेंटाइन सेंटर मैं मौजूद प्रवासी कामगारों को राहत मदद करते हुए बड़ी पहल कर लोगों के लिए प्रेरणादायक सराहनीय कार्य कर चर्चा में आए क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि ऐसा कार्य जनपद में किसी अन्य ग्राम सभा में नहीं किया जा रहा। यह मात्र अभय पुर ग्राम सभा वासियों के लिए ही राहत व मदद की है जो जनपद के लिए मिसाल की तरह लोगों के समक्ष पेश है। ऐसे ग्राम प्रधान व समाजसेवी प्रत्येक ग्राम सभा में होनी चाहिए जिससे हम सभी लोगों का भला हो सके जमीनी स्तर पर।
समाजसेवी राकेश यादव ने बताया कि बचत पूंजी के तहत प्रत्येक ग्राम सभा में बने क्वॉरेंटाइन सेंटर में मौजूद लोगों को इच्छा पूर्ति हेतु ₹1000 के साथ चना, केला, का वितरण कराया गया जिसमें ग्राम प्रधान प्रतिनिधि की भूमिका सराहनीय प्रशंसनीय रही है। जिसका हम खुले दिल से स्वागत करते हैं। समस्या को देखते हुए आगे भी लोगों की मदद के लिए कार्य करते रहेंगे यही हमारा संकल्प है।

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अभयपुर संजय सिंह ने बताया कि समाजसेवी के साथ जनप्रतिनिधि होने के नाते मदद करने से आत्मीय शांति प्राप्त होती है जो दुर्लभ। सभी के सहयोग व प्रयासों के चलते लोगों की मदद की जा रही है। अकेले किसी भी संकल्प को पूरा नहीं किया जा सकता बिना सहयोग के सहयोगियों का आभार व्यक्त करता हूँ।

घर मे करे वट वृक्ष की पूजा:आचार्य राजेश अवस्थी

घर मे करे वट वृक्ष की पूजा:आचार्य राजेश अवस्थी

-22 मई को है बरगदाही अमावश्या
फतेहपुर।पौराणिक कथा के अनुसार, महासती सावित्री ने अपने पति सत्यवान को वट पूजा व्रत-पूजा के प्रभाव से यम-लोक से पुन: पृथ्वी पर ले आई थीं इसी कारण आज भी सुहागिन महिलाए वट वृक्ष की पूजा करती है।यह पूजा इस साल 22 मई को की जायेगी।प्रत्येक वर्ष के ज्येष्ठ मास की अमावस्या को वट सावित्री का व्रत एवं पूजन किया जाता है। स्त्रियां इसे विशेष पर्व के रूप में मनाती हैं।महिलाएँ व्रत-पूजन कर कथा कर्म के साथ-साथ वट वृक्ष के आसपास सूत के धागे परिक्रमा के दौरान लपेटती हैं, जिसे रक्षा कहा जाता है। साथ ही पूजन के बाद अपने पति को रोली और अक्षत लगाकर चरणस्पर्श कर प्रसाद मिष्ठान वितरित करतीं हैं। अंततः पतिव्रता सावित्री के अनुरूप ही, अपने सास-ससुर का उचित पूजन अवश्य करती है।22 मई को अमावश्या पर यह पूजा होगी।कोविड19 के चलते लाकडाऊन के कारण यह पूजा घर मे करने की अपील की जा रही है।हिन्दू आचार्यो द्वारा पूजा घर मे सम्पन्न करने को कहा गया है।आचार्य राजेश अवस्थी ने बताया सबसे पहले भगवान सूर्य को अर्घ्य दें, इसके बाद सभी पूजन सामग्रियों को किसी बांस से बनी टोकरी या पीतल के पात्र में इकट्ठा कर लें।गमले मे वट वृक्ष की डाल लगा ले यदि हो तो नही घर मे पूजा करे।जल अर्पित करें और माता सावित्री को वस्त्र व सोलह श्रृंगार चढाएं। फल-फूल अर्पित करने के बाद वट पर पंखा झेलें। रोली से पेड़ की परिक्रमा करें और फिर व्रत कथा को ध्यानपूर्वक सुनें। इसके बाद दिन भर व्रत रखें।विधिवत पूजन कर परिक्रमा करे।और अखंड सौभाग्य के वर की कामना करे।

वट सावित्री व्रत की तिथि और शुभ मुहूर्त 
वट सावित्री व्रत की तिथि: 22 मई 2020
अमावस्‍या तिथि प्रारंभ: 21 मई 2020 को रात 9 बजकर 35 मिनट से 
अमावस्‍या तिथि समाप्‍त: 22 मई 2020 को रात 11 बजकर 8 मिनट तक 

स्कूलों का शुल्क और कोचिंग संस्थानों का शुल्क माफ करने की मांग

दिलीप तिवारी की रिपोर्ट :- रायबरेली के लालगंज मे कांग्रेस के युवा ब्लाक उपाध्यक्ष भास्कर मिश्रा ने स्कूलों का शुल्क और कोचिंग संस्थानों का शुल्क माफ करने की मांग की है गरीब और मध्यम परिवार के अभिभावक शुल्क देने में असमर्थ है जो कि इस लॉंकडाउन के चलते किसी के पास आय का श्रोत नही हैं।। अगर ऐसे ही चलाता रहा तो लोगों को मजबूरन घर से बाहर निकलना पड़ेगा। वहीं स्कूल बंद है और कोच्चि भी विधार्थी परेशान हैं उनके परिजन इस लाकडाऊन में फीस कैसे जामा करें। भास्कर मिश्रा ने सरकार से मांग की है। स्कूल की फीस कोचिंग संस्थानों की फीस माफ की जाये जिससे विद्यार्थियों को राहत मिल सके।

बैंक व बीमा कार्यालयों में हों बचाव के सारे इंतजामछोटे-छोटे बदलाव ही कोरोना से बचाव में मददगार

जरूरी सावधानी अपनाएँ, खुद बचें-ग्राहक को भी बचाएं

  • बैंक व बीमा कार्यालयों में हों बचाव के सारे इंतजाम
  • छोटे-छोटे बदलाव ही कोरोना से बचाव में मददगार
    मनभावन अवस्थी की रिपोर्ट :फतेहपुर 19 मई-2020 । कोरोना वायरस यानि कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश में चल रहे लाक डाउन के बीच भी बैंक व बीमा कार्यालय लगातार अपने ग्राहकों की सेवा में तत्पर हैं । हालाँकि, इस समय कोरोना के खतरे को देखते हुए कर्मचारियों और ग्राहकों दोनों की सुरक्षा चुनौती पूर्ण है । इन चुनौतियों का सामना जरूरी सावधानी बरतकर ही की जा सकती है । इस बारे में सरकार भी लगातार उन्हें कार्यप्रणाली में बदलाव लाने के साथ ही सुरक्षा मानकों के पालन करने को प्रेरित करने में जुट गयी है । कुछ बैंकों और बीमा कार्यालयों ने इन पर अमल करना भी शुरू कर दिया है ।
    कोरोना से खुद के साथ ग्राहकों को सुरक्षित बनाने के लिए कार्यालय में प्रवेश के समय और बाहर जाते समय हाथों को स्वच्छ रखने के लिए हैण्ड सेनेटाइजर का इंतजाम करने को कहा गया है । कैश काउंटर यानि नकदी से जुड़े कर्मचारी को बार-बार हाथ साफ़ करने की हिदायत दी गयी है । एटीएम के अन्दर एक बार में एक ही व्यक्ति के प्रवेश की अनुमति का सख्ती से पालन कराने को कहा गया है । इसके अलावा बैंक प्रबंधकों से यह भी कहा गया है कि जरूरी कामों के लिए जितने कम से कम कर्मचारियों की जरूरत हो उन्हीं को बुलाया जाए । चेक ड्राप बॉक्स बैंक के बाहर ही रखे जाएँ, इससे केवल चेक जमा करने के लिए बैंक आने वाले बाहर से ही चेक डालकर निकल जायेंगे और किसी तरह का खतरा भी नहीं रहेगा । एटीएम के गार्ड द्वारा भी ग्राहकों के हाथों की सफाई सुनिश्चित करानी चाहिए । इसके अलावा अनावश्यक भीड़ से बचने के लिए काउन्टर पर एक बार में एक ही ग्राहक को अनुमति दी जानी चाहिए । पूछताछ से जुड़े कर्मचारी के बैठने की व्यवस्था कार्यालय के प्रवेश द्वार के पास ही होना चाहिए ताकि जिन ग्राहकों को ज्यादा जरूरी हो वही दफ्तर के अन्दर तक जाएँ ।
    बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक त्रिलोचनपुर के शाखा प्रबंधक कृष्ण चंद्र वर्मा का कहना है कि बैंकों में लेन-देन का काम ज्यादा होता है चाहे वह पास बुक इंट्री की बात हो, चेक बुक लेना हो या कैश जमा या निकासी की । इन स्थितियों में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा कुछ ज्यादा ही होता है । इसके लिए जरूरी है कि जब भी बैंक जाएँ तो उतने ही सामनों को लेकर जाएँ जो बहुत जरूरी हों । संभव हो तो हैण्ड सेनेटाइजर खुद अपने पास रखें और बैंक में प्रवेश करते समय और निकलते समय हाथों को स्वच्छ कर लें, मास्क/गमछा/रूमाल या स्कार्फ से मुंह व नाक को ढककर रखें, काउंटर पर एक दूसरे से उचित दूरी बनाकर रखें, जिन कागजों को छूना या काउन्टर पर जाना जरूरी हो वहीँ पर जाएँ । यही छोटी-छोटी सावधानी बरतकर आप खुद के साथ बैंक कर्मचारियों को कोरोना के वार से सुरक्षित कर सकते हैं ।

बैंक व बीमा कार्यालयों में हों बचाव के सारे इंतजामछोटे-छोटे बदलाव ही कोरोना से बचाव में मददगार

जरूरी सावधानी अपनाएँ, खुद बचें-ग्राहक को भी बचाएं

  • बैंक व बीमा कार्यालयों में हों बचाव के सारे इंतजाम
  • छोटे-छोटे बदलाव ही कोरोना से बचाव में मददगार
    मनभावन अवस्थी की रिपोर्ट :फतेहपुर 19 मई-2020 । कोरोना वायरस यानि कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश में चल रहे लाक डाउन के बीच भी बैंक व बीमा कार्यालय लगातार अपने ग्राहकों की सेवा में तत्पर हैं । हालाँकि, इस समय कोरोना के खतरे को देखते हुए कर्मचारियों और ग्राहकों दोनों की सुरक्षा चुनौती पूर्ण है । इन चुनौतियों का सामना जरूरी सावधानी बरतकर ही की जा सकती है । इस बारे में सरकार भी लगातार उन्हें कार्यप्रणाली में बदलाव लाने के साथ ही सुरक्षा मानकों के पालन करने को प्रेरित करने में जुट गयी है । कुछ बैंकों और बीमा कार्यालयों ने इन पर अमल करना भी शुरू कर दिया है ।
    कोरोना से खुद के साथ ग्राहकों को सुरक्षित बनाने के लिए कार्यालय में प्रवेश के समय और बाहर जाते समय हाथों को स्वच्छ रखने के लिए हैण्ड सेनेटाइजर का इंतजाम करने को कहा गया है । कैश काउंटर यानि नकदी से जुड़े कर्मचारी को बार-बार हाथ साफ़ करने की हिदायत दी गयी है । एटीएम के अन्दर एक बार में एक ही व्यक्ति के प्रवेश की अनुमति का सख्ती से पालन कराने को कहा गया है । इसके अलावा बैंक प्रबंधकों से यह भी कहा गया है कि जरूरी कामों के लिए जितने कम से कम कर्मचारियों की जरूरत हो उन्हीं को बुलाया जाए । चेक ड्राप बॉक्स बैंक के बाहर ही रखे जाएँ, इससे केवल चेक जमा करने के लिए बैंक आने वाले बाहर से ही चेक डालकर निकल जायेंगे और किसी तरह का खतरा भी नहीं रहेगा । एटीएम के गार्ड द्वारा भी ग्राहकों के हाथों की सफाई सुनिश्चित करानी चाहिए । इसके अलावा अनावश्यक भीड़ से बचने के लिए काउन्टर पर एक बार में एक ही ग्राहक को अनुमति दी जानी चाहिए । पूछताछ से जुड़े कर्मचारी के बैठने की व्यवस्था कार्यालय के प्रवेश द्वार के पास ही होना चाहिए ताकि जिन ग्राहकों को ज्यादा जरूरी हो वही दफ्तर के अन्दर तक जाएँ ।
    बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक त्रिलोचनपुर के शाखा प्रबंधक कृष्ण चंद्र वर्मा का कहना है कि बैंकों में लेन-देन का काम ज्यादा होता है चाहे वह पास बुक इंट्री की बात हो, चेक बुक लेना हो या कैश जमा या निकासी की । इन स्थितियों में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा कुछ ज्यादा ही होता है । इसके लिए जरूरी है कि जब भी बैंक जाएँ तो उतने ही सामनों को लेकर जाएँ जो बहुत जरूरी हों । संभव हो तो हैण्ड सेनेटाइजर खुद अपने पास रखें और बैंक में प्रवेश करते समय और निकलते समय हाथों को स्वच्छ कर लें, मास्क/गमछा/रूमाल या स्कार्फ से मुंह व नाक को ढककर रखें, काउंटर पर एक दूसरे से उचित दूरी बनाकर रखें, जिन कागजों को छूना या काउन्टर पर जाना जरूरी हो वहीँ पर जाएँ । यही छोटी-छोटी सावधानी बरतकर आप खुद के साथ बैंक कर्मचारियों को कोरोना के वार से सुरक्षित कर सकते हैं ।